06‐12‐12 रात:मरली ु ओम ्शाÛत ''बापदादा'' मधबनु
मरली ु सार:- ''मीठे बÍचे - तàहु Ʌ िशव जयिÛत का ×योहार बड़ी धमधाम ू से मनाना है। यह तàहार ु े िलए
बहुत बड़ा खशी ु का िदन है, सबको बाप का पिरचय देना है''
रæन:- कौन से बÍचे अपना बहुत बड़ा नकसान ु करते हɇ? घाटा कब पड़ता है?
उ×तर:- जो बÍचे चलत-ेचलते पढ़ाई छोड़ देते हɇ, वे अपना बहुत बड़ा नकसान ु करते हɇ। बाबा
रोज़ इतने हीरे र×न देते हɇ, गéयु Üवाइंटस सनात ु े हɇ, ...अगर कोई रेगलर ु नहीं सनतु े हɇतो घाटा
पड़ जाता है। नापास हो जाते हɇ, èवग् की ऊं ची बादशाही गवा ं देते हɇ। पद रçट हो जाता है।
गीत:- रात के राही थक मत जाना......
Video song: http://www.youtube.com/ watch?v=qTmzjkAhtFw
धारणा के िलए म्यु सार:-
1) इस परानु े शरीर का Įगार ंृ नहीं करना है। वनवाह मɅ रह नये घर मɅ चलने की तयारी ै करनी
है।
2) ञान èनान रोज़ करना है। कभी भी पढ़ाई िमस नहीं करनी है।
वरदान:- सगमय ं गु पर सदा र×यष वा ताजा फल खाने वाले शि्तशाली वा तÛदǾèत भव
सगमय ं गु की ही िवशषता े हैजो एक की पदमगणा ु रािÜत होती हैऔर र×यषफल भी िमलता
है। अभी-अभी सेवा की और अभी-अभी खशी ु Ǿपी फल िमला। तो जो र×यषफल अथात् ्ताजा
रूट खाने वाले हɇवह शि्तशाली वा तÛदǾèत होते हɇ। कोई कमजोरी उनके पास आ नहीं
सकती। कमजोरी तब आती है जब अलबेले होकर कुàभकरण की नीदं मɅ सो जाते हो। अलट्
रहो तो सव् शि्तयां साथ रहɅगी और सदा तÛदǾèत रहɅगे।
èलोगन:- फालो एक रéमा बाप को करो बाकी सबसेगणु रहण करो।
मरली ु सार:- ''मीठे बÍचे - तàहु Ʌ िशव जयिÛत का ×योहार बड़ी धमधाम ू से मनाना है। यह तàहार ु े िलए
बहुत बड़ा खशी ु का िदन है, सबको बाप का पिरचय देना है''
रæन:- कौन से बÍचे अपना बहुत बड़ा नकसान ु करते हɇ? घाटा कब पड़ता है?
उ×तर:- जो बÍचे चलत-ेचलते पढ़ाई छोड़ देते हɇ, वे अपना बहुत बड़ा नकसान ु करते हɇ। बाबा
रोज़ इतने हीरे र×न देते हɇ, गéयु Üवाइंटस सनात ु े हɇ, ...अगर कोई रेगलर ु नहीं सनतु े हɇतो घाटा
पड़ जाता है। नापास हो जाते हɇ, èवग् की ऊं ची बादशाही गवा ं देते हɇ। पद रçट हो जाता है।
गीत:- रात के राही थक मत जाना......
Video song: http://www.youtube.com/
धारणा के िलए म्यु सार:-
1) इस परानु े शरीर का Įगार ंृ नहीं करना है। वनवाह मɅ रह नये घर मɅ चलने की तयारी ै करनी
है।
2) ञान èनान रोज़ करना है। कभी भी पढ़ाई िमस नहीं करनी है।
वरदान:- सगमय ं गु पर सदा र×यष वा ताजा फल खाने वाले शि्तशाली वा तÛदǾèत भव
सगमय ं गु की ही िवशषता े हैजो एक की पदमगणा ु रािÜत होती हैऔर र×यषफल भी िमलता
है। अभी-अभी सेवा की और अभी-अभी खशी ु Ǿपी फल िमला। तो जो र×यषफल अथात् ्ताजा
रूट खाने वाले हɇवह शि्तशाली वा तÛदǾèत होते हɇ। कोई कमजोरी उनके पास आ नहीं
सकती। कमजोरी तब आती है जब अलबेले होकर कुàभकरण की नीदं मɅ सो जाते हो। अलट्
रहो तो सव् शि्तयां साथ रहɅगी और सदा तÛदǾèत रहɅगे।
èलोगन:- फालो एक रéमा बाप को करो बाकी सबसेगणु रहण करो।
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